नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोमवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर जवाबदेही तय करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब देश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने का समय आ गया है।
देहरादून में 17 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम एक्स पर जारी संदेश में कहा कि आज देश के छात्र शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती और बेईमान जैसी संज्ञाएं दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो शिक्षा व्यवस्था युवाओं का भविष्य संवारने के लिए बनाई गई थी, वही आज उन्हें और उनके परिवारों को कर्ज, मानसिक तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत को एक झटके में बर्बाद कर देते हैं।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक मामलों में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें नए ठेके और पदोन्नति दी जाती है, जबकि इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।
उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इन समस्याओं से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद जवाबदेही तय करने के बजाय मौन बनी हुई है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि इस गंभीर विषय पर मुख्यधारा के समाचार माध्यमों में भी अपेक्षित चर्चा नहीं हो रही है।
कांग्रेस नेता ने छात्रों से 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, “बहुत हो चुका, अब शिक्षा में क्रांति का समय आ गया है। आइए, छात्रों की आवाज को और बुलंद करें।”
समाचार लिखे जाने तक राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्र सरकार अथवा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
