पुणे, 29 जून। पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले की जांच में लगातार नए और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी की तैयारियों और खरीदारी के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये लिए थे। जांच में आरोप है कि बाद में उसने यह पूरी रकम अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने न केवल हत्या की सुनियोजित साजिश रची थी, बल्कि वारदात के बाद अपने भविष्य की रणनीति भी पहले से तैयार कर रखी थी।
पुलिस का दावा- हत्या के बाद तीन साल तक शादी टालने की थी योजना, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की हो रही जांच
पुलिस के अनुसार, 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को पुणे के लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान से गहरी खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। मामले की जांच के दौरान आर्थिक लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, केतन अग्रवाल ने शादी की तैयारियों और खरीदारी के लिए सिया को लगभग एक करोड़ रुपये दिए थे। पुलिस का आरोप है कि इस राशि का उपयोग विवाह संबंधी खर्चों में नहीं किया गया, बल्कि पूरी रकम चेतन चौधरी को सौंप दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चेतन आर्थिक रूप से कमजोर था और अपना कारोबार शुरू करना चाहता था। इसी उद्देश्य से दोनों ने पहले उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बाद में अपने भविष्य की योजना पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया था।
हत्या के बाद तीन साल तक शादी टालने की थी योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया और चेतन ने यह भी तय किया था कि हत्या के तुरंत बाद वे विवाह नहीं करेंगे। कथित योजना के तहत दोनों लगभग तीन वर्षों तक इंतजार करते, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इस दौरान चेतन अपना व्यवसाय स्थापित करता और मामला शांत होने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से विवाह करने की योजना थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह रणनीति पुलिस जांच से बचने और संदेह कम करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
पहले से तय था हमला करने का संकेत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के दौरान सिया ने पहले से तय संकेत देकर चेतन को हमला करने का इशारा किया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, योजना के तहत सिया किसी बहाने—जैसे जूते का फीता बांधने या पानी पीने के लिए झुकने—का संकेत देती, जिसके बाद चेतन केतन को धक्का देता। पुलिस का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य यह भी था कि धक्का दिए जाने के दौरान केतन सिया को पकड़ न सके और वह स्वयं किसी दुर्घटना का शिकार न बने।
स्कूटर से तय किया 90 किलोमीटर का सफर
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कार के बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, उसने लगभग 90 किलोमीटर की यात्रा स्कूटर से इसलिए की ताकि टोल प्लाजा पर उसके वाहन का कोई रिकॉर्ड दर्ज न हो। घटना में प्रयुक्त स्कूटर को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पुलिस का दावा है कि हत्या की योजना मई के अंतिम सप्ताह में ही तैयार कर ली गई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि 14 जून को भी केतन अग्रवाल को पहाड़ी से धक्का देकर मारने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच निकला। पुलिस के अनुसार, उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था।
वारदात से पहले हुई थी फोन पर बातचीत
जांच एजेंसियों को कॉल रिकॉर्ड से यह भी जानकारी मिली है कि घटना वाले दिन कथित तौर पर सिया ने केतन को धक्का दिए जाने से लगभग 34 मिनट पहले चेतन से फोन पर बातचीत की थी। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और आरोपियों के खिलाफ जुटाए जा रहे सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
