राजधानी में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, 2,783 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई पोलियोरोधी दवा

लखनऊ, 28 जून 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में रविवार से सघन पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई। अभियान का शुभारंभ वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला चिकित्सालय में उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने बच्चों को पोलियोरोधी दवा की दो बूंद पिलाकर किया। इस विशेष अभियान के तहत जिले में जन्म से पांच वर्ष तक के 7.07 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि पोलियो एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो बच्चों को आजीवन दिव्यांगता की ओर धकेल सकती है। इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय समय-समय पर पोलियोरोधी दवा की खुराक देना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलवाएं, चाहे उसे पहले कई बार यह दवा दी जा चुकी हो। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पोलियोरोधी खुराक से वंचित न रह जाए।

7.07 लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य, सोमवार से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि अभियान को तीन स्तरों पर संचालित किया जा रहा है। पहले दिन जिलेभर में स्थापित बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंचेंगी, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके। इसके अलावा बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टेंपो स्टैंड और अन्य ट्रांजिट स्थलों पर भी विशेष बूथ बनाए गए हैं, ताकि यात्रा कर रहे बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।

उन्होंने बताया कि ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, झुग्गी-झोपड़ियों तथा घुमंतू परिवारों के बच्चों पर विशेष फोकस किया गया है। इन क्षेत्रों में अलग से टीमें भेजी गई हैं ताकि कोई भी बच्चा अभियान से बाहर न रह जाए।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के पहले दिन जिले के 2,783 बूथों पर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। सोमवार से शुरू होने वाले घर-घर अभियान में छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद भी यदि कोई बच्चा रह जाता है तो 6 जुलाई को आयोजित मॉप-अप राउंड के दौरान उसे पोलियो की खुराक दी जाएगी।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे जिले में 131 मोबाइल टीमें, 227 ट्रांजिट टीमें, 593 सुपरवाइजर, 6,850 वैक्सीनेटर तथा 15 डिवीजनल अधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी टीमों को विशेष प्रशिक्षण देकर अभियान की निगरानी और प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सभी पात्र बच्चों को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित टीकाकरण के बावजूद पल्स पोलियो अभियान में भागीदारी बच्चों की अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करती है और पोलियो वायरस के संभावित खतरे को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. संजय दोहरे, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, रिचा मौर्या, रितांशी शुक्ला, मृदुला पांडेय, विजय बाजपेई सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, नर्सिंग छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक और लाभार्थी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित रह गया हो तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अभियान टीम को दें, ताकि प्रत्येक बच्चे तक पोलियोरोधी दवा पहुंचाई जा सके।

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