नयी दिल्ली, 11 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक, तकनीकी और वैश्विक प्रगति को दुनिया के सामने नए विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकास का ऐसा मॉडल पेश कर रहा है, जिसे दुनिया गंभीरता से देख रही है।
‘किया ओरा मोदी‘ (Kia Ora Modi) नामक कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शामिल हुए और प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया।
‘भारत की विकास यात्रा अभूतपूर्व’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया जहां अनेक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, वहीं भारत निरंतर तेज़ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भारत केवल अपनी अर्थव्यवस्था के आकार के कारण नहीं, बल्कि नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और तकनीकी समाधानों के कारण भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है।
UPI और डिजिटल क्रांति का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की डिजिटल क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भुगतान प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन होने से भारत ने दुनिया को दिखाया है कि बड़े पैमाने पर सुरक्षित, तेज़ और समावेशी डिजिटल भुगतान प्रणाली कैसे विकसित की जा सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने ड्रोन तकनीक, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर समाधान उपलब्ध कराने वाला देश बन रहा है।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और लोगों के बीच मजबूत रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता आर्थिक सहयोग को नई गति देगा और व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी स्थिरता और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करेगा।
30 साल पुराने मफलर से जुड़ी भावुक याद
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से एक पुराना मफलर दिखाया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले, लगभग 25–30 वर्ष पहले जब वे एक सामान्य नागरिक के रूप में न्यूजीलैंड आए थे, तब उन्हें यह मफलर उपहार में मिला था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने उस मफलर को आज तक संभालकर रखा है। इस प्रसंग के जरिए उन्होंने पुराने संबंधों और व्यक्तिगत स्मृतियों के महत्व का उल्लेख किया, जिस पर सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में शुक्रवार को न्यूजीलैंड पहुंचे। वे लगभग चार दशक बाद न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनकी इस यात्रा को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान व्यापार, शिक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा आने वाले वर्षों में भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा दे सकती है। वहीं, प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित कर प्रधानमंत्री ने भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु बताते हुए उनकी भूमिका की भी सराहना की।
