लखनऊ, 15 जून 2026 (यूएनएस)। भारत और अफगानिस्तान के बीच 17 जून को होने वाले एकदिवसीय मुकाबले से पहले दोनों टीमें सोमवार को लखनऊ पहुंच गईं। भारतीय टीम के खिलाड़ी चार्टर्ड विमान से शाम करीब चार बजे चौधरी चरण सिंह अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। टीम के कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर और अर्शदीप सिंह समेत कई खिलाड़ी एयरपोर्ट पर दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच खिलाड़ियों को सीधे टीम बस से होटल ले जाया गया।
इसके कुछ समय बाद अफगानिस्तान की टीम भी लखनऊ पहुंच गई। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अनुसार मंगलवार को अफगानिस्तान की टीम दोपहर एक बजे से अटल बिहारी वाजपेयी एकाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अभ्यास करेगी, जबकि भारतीय टीम शाम चार बजे से सात बजे तक नेट्स में पसीना बहाएगी।

मुकाबले से पहले एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। एकाना स्टेडियम में खेलने के अनुभव के मामले में अफगानिस्तान की टीम भारत से आगे है। अफगानिस्तान यहां अब तक चार वनडे मैच खेल चुकी है, जिसमें उसे एक जीत और तीन हार मिली हैं। वहीं भारतीय टीम ने इस मैदान पर केवल दो वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें एक जीत और एक हार दर्ज की है।
दोनों टीमों की इस मैदान पर आखिरी यादें जीत से जुड़ी हैं। वर्ष 2023 के वनडे विश्व कप में भारत ने इसी मैदान पर इंग्लैंड को 100 रन से हराया था, जबकि अफगानिस्तान ने नीदरलैंड को सात विकेट से मात दी थी।
अफगानिस्तान का एकाना स्टेडियम से विशेष जुड़ाव भी रहा है। वर्ष 2019 में अपने देश में पर्याप्त क्रिकेट सुविधाओं के अभाव के कारण अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने कई महीनों तक लखनऊ में अभ्यास किया था। इसी दौरान अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट, वनडे और टी-20 श्रृंखला के मुकाबले भी यहीं खेले गए थे। यही वजह है कि अफगान टीम के कई खिलाड़ी इस मैदान और इसकी परिस्थितियों से भलीभांति परिचित हैं।

एकाना की पिच आमतौर पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद देती है, जबकि बाद में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। दूसरी ओर, पिच पर स्पिनरों को भी मदद मिलने की संभावना रहती है, जो अफगानिस्तान की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और अफगान स्पिन आक्रमण के बीच मुकाबला मैच का सबसे दिलचस्प पहलू हो सकता है।
क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब 17 जून को होने वाले इस मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम घरेलू मैदान का फायदा उठाने की कोशिश करेगी, जबकि अफगानिस्तान अपनी परिचित परिस्थितियों का लाभ लेकर उलटफेर की उम्मीद करेगा।
