संघ के शताब्दी वर्ष में शाखाओं के विस्तार और व्यापक जनसंपर्क पर जोर : सी. आर. मुकुंद

चंडीगढ़, 13 मार्च (RNN)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सी. आर. मुकुंद ने कहा है कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में शाखाओं के विस्तार और व्यापक जनसंपर्क के माध्यम से समाज की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की तीन दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। बैठक का उद्घाटन संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया।

मुकुंद ने बताया कि जनसंपर्क अभियान के तहत केरल में संघ के स्वयंसेवक 55 हजार से अधिक मुस्लिम और 54 हजार से अधिक ईसाई परिवारों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने अभियान के माध्यम से वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों के घरों तक भी पहुंच बनाई है तथा आदिवासी क्षेत्रों में भी जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में ‘गृह संपर्क’ अभियान, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, गणमान्य नागरिकों की बैठकें और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

अपने संबोधन में मुकुंद ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान का भी उल्लेख किया। इसके तहत सामाजिक समरसता, परिवार व्यवस्था का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वत्व और स्वावलंबन तथा नागरिक एवं संवैधानिक कर्तव्यों के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुकुंद के अनुसार, गृह संपर्क अभियान के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच बनाई जा चुकी है और देश के तीन लाख से अधिक गांवों को कवर किया गया है। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 36 हजार से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं और आने वाले समय में शहरी, ग्रामीण तथा दूरदराज क्षेत्रों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

तीन दिवसीय बैठक में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। कुल 1,487 कार्यकर्ता इस बैठक में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन और संघ से जुड़े 32 सहयोगी संगठनों के अध्यक्ष, महासचिव तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे।

मुकुंद ने कहा कि सरकार के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और मणिपुर में भी राजनीतिक स्थिरता आने की उम्मीद है।

बांग्लादेश की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं और संघ वहां की सरकार से हिंदुओं के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील कर रहा है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की कामना है कि यह संकट जल्द समाप्त हो।

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