लखनऊ, 31 मई 2026 (यूएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अनैतिक तरीकों और राजनीतिक तिकड़मों के सहारे चुनाव जीतती है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा की सभी राजनीतिक चालों को नाकाम कर देगी।
अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया भाजपा विधायक श्याम प्रकाश के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव केवल विकास कार्यों के आधार पर नहीं, बल्कि रणनीति और तिकड़म के जरिए भी जीते जाते हैं।
भाजपा विधायक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए सपा प्रमुख ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा में जितना अधिक बेईमान व्यक्ति होता है, उसे उतना ही ऊंचा पद मिलता है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा विधायक ने यह स्वीकार कर लिया है कि भाजपा बेईमानी से चुनाव जीतती है। सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक के इस बयान ने भाजपा की राजनीति का “एनकाउंटर” कर दिया है और उस पर “बुलडोजर” भी चला दिया है।
अखिलेश यादव ने भाजपा नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि पार्टी अपने विधायक के बयान पर क्या रुख अपनाती है। उन्होंने कहा, “क्या भाजपा इस विधायक को पार्टी से बाहर करेगी या फिर उसे भविष्य का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी?”
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा की कार्यशैली को समझ चुकी है और आगामी विधानसभा चुनाव में उसे करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा, “इस बार जनता भाजपा की सारी तिकड़म निकाल देगी। भाजपा चुनाव हारेगी और फिर कभी नहीं आएगी।”
उल्लेखनीय है कि हरदोई जिले की गोपामऊ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने शनिवार को टड़ियावां ब्लॉक में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा था कि चुनाव केवल विकास के आधार पर नहीं जीते जाते, बल्कि राजनीतिक रणनीति और तिकड़म भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी करने का आह्वान करते हुए कहा था कि चुनाव जीतने के लिए हर संभव राजनीतिक रणनीति अपनानी चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
भाजपा विधायक के बयान और उस पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है।
