गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य शुभारंभ आज

उत्तर प्रदेश को आज एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा

हरदोई/लखनऊ, 29 अप्रैल 2026। नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश को एक ऐतिहासिक सौगात देने जा रहे हैं। बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन उनके करकमलों से होगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को पूर्वी क्षेत्र के प्रयागराज से जोड़ेगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा।

करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 6 से 7 घंटे रह जाएगा, जो पहले काफी अधिक समय लेता था। इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा लाभ होगा।

टोल दरें घोषित, प्रति किलोमीटर आधार पर भुगतान

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे पर लागू होने वाली नई टोल दरों की घोषणा कर दी है, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगी। दरें दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर तय की गई हैं।

  • दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर: 1.28 रुपये प्रति किमी
  • कार, जीप, वैन: 2.55 रुपये प्रति किमी
  • हल्के वाणिज्यिक वाहन/मिनी बस: 4.05 रुपये प्रति किमी
  • बस और ट्रक: 8.20 रुपये प्रति किमी
  • 3 से 6 एक्सल वाले मल्टी एक्सल वाहन: 12.60 रुपये प्रति किमी
  • 7 या अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज्ड वाहन: 16.10 रुपये प्रति किमी

अधिकारियों के अनुसार, ये दरें एक्सप्रेसवे के रखरखाव और संचालन लागत को ध्यान में रखते हुए तय की गई हैं, और भविष्य में महंगाई के अनुसार इनमें संशोधन संभव है।

12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को सीधे जोड़ता है। इसके चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा, साथ ही क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा

सरकार इस एक्सप्रेसवे को केवल सड़क परियोजना तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे एक बड़े औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हाई-स्पीड मार्ग

यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया गया है। इसमें हर किलोमीटर पर सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन सहायता सेवाएं, एंबुलेंस, पेट्रोलिंग और हाई-स्पीड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह देश के सबसे तेज और सुरक्षित एक्सप्रेसवे में शामिल होगा।

पीपीपी मॉडल पर बना, भविष्य में 8 लेन तक विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक सफल उदाहरण है। फिलहाल इसे 6 लेन में विकसित किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है।

आर्थिक विकास को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, माल परिवहन की लागत कम होगी और निवेशकों के लिए राज्य अधिक आकर्षक बनेगा। इससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच आर्थिक संतुलन भी मजबूत होगा।

कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन न केवल एक आधारभूत परियोजना का शुभारंभ है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के विकास, निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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