लखनऊ, 13 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। करीब 5.17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और इसे प्रदेश के लिए एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।
उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल के लिए राज्यपाल का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों को भी कॉन्वेंट और पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो सरकारी स्कूल भी गुणवत्ता और सुविधाओं के मामले में किसी से पीछे नहीं रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने ‘हमारा जनभवन’ पुस्तक का विमोचन किया और विद्यालय की प्रधानाचार्या को स्कूल बस की चाबी भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए परिश्रम के महत्व पर जोर दिया और कहा कि “परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है, मेहनती व्यक्ति ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है।”
अपने संबोधन में सीएम योगी ने संस्कृत श्लोक “अमन्त्रमक्षरं नास्ति…” का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति में क्षमता होती है, जरूरत केवल उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक की होती है। उन्होंने वैद्य जीवक का उदाहरण देते हुए बताया कि संसार में कोई भी वस्तु निरर्थक नहीं होती, उसी प्रकार हर व्यक्ति में योग्यता छिपी होती है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित विद्यालय भवन की सराहना करते हुए कहा कि यहां आधुनिक लैब, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होंगी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू किया जाए और विभिन्न जनपदों से लोगों को यहां लाकर इसका अवलोकन कराया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि बेहतर अधोसंरचना के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और जिज्ञासा का विकास हो। उन्होंने कहा कि ऐसे ही वातावरण में भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और महान व्यक्तित्व तैयार होते हैं।
उन्होंने आर्यभट्ट, वराहमिहिर, सुश्रुत, चरक, जगदीश चंद्र बोस और सी वी रमन जैसे महान विद्वानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सही शिक्षा और मार्गदर्शन से बच्चे भी ऐसे ही ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 4.70 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष धनराशि राज्यपाल के प्रयासों और सीएसआर फंड से जुटाई गई है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय अब शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के बच्चे आत्मविश्वास से भरपूर हैं और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करें, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
