लखनऊ/नई दिल्ली, 14 जुलाई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन केवल देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अमूल्य है और लोकतंत्र, पर्यावरण तथा मानवता के लिए उनका योगदान आगे भी आवश्यक है।
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में अखिलेश यादव ने लिखा, “श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वह अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उसमें मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति उतनी ही प्रतिबद्धता है।”
सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन कर रहे हैं, उससे संवेदनशीलता की उम्मीद करना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि “सत्याग्रह का महत्व वही समझ सकते हैं, जिनमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आस्था हो।” अखिलेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक का मनोबल और नैतिक शक्ति देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा बनी रहनी चाहिए और सभी की यही कामना है कि वह स्वस्थ रहकर लोकतंत्र और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई को आगे बढ़ाते रहें।
अखिलेश यादव की यह अपील ऐसे समय आई है, जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में चल रहा विरोध प्रदर्शन 24वें दिन और सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
इस बीच, आंदोलन के आयोजकों ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। आयोजकों के अनुसार, अनशन के दौरान उनका करीब 8.2 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। उनका रक्तचाप 107/70 एमएमएचजी दर्ज किया गया है, जबकि रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर घटकर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां लोगों की जान दांव पर लगी है। उन्होंने सरकार से जल्द संवाद स्थापित कर समाधान निकालने का आग्रह किया।
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव की अपील को भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है, साथ ही केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल भी उठाए हैं।
