दुबग्गा डिपो में संविदा कर्मचारियों का हंगामा, आउटसोर्सिंग के विरोध में कार्य बहिष्कार

दुबग्गा डिपो में संविदा कर्मचारियों का हंगामा,...

लखनऊ, 29 मई 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के दुबग्गा डिपो में शुक्रवार को संविदा बस चालकों और परिचालकों ने निजी आउटसोर्सिंग व्यवस्था के विरोध में कार्य बहिष्कार कर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। सुबह करीब 5:30 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन के चलते डिपो परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बना रहा। कई बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि परिवहन विभाग विभागीय संविदा कर्मचारियों को हटाकर निजी आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस फैसले से उनके रोजगार पर सीधा संकट खड़ा हो गया है और वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।

धरना दे रहे कर्मचारियों ने लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2021 में भर्ती किए गए विभागीय संविदा परिचालकों को एसएस इंटरप्राइजेज नामक निजी आउटसोर्सिंग फर्म में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने विभाग के अधीन रहकर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम किया है, ऐसे में उन्हें निजी कंपनी के अधीन भेजना अन्यायपूर्ण और शोषणकारी कदम है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 से उनका वेतन भी लंबित चल रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कई कर्मचारियों ने कहा कि वे परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, किराया और घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन भुगतान को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

प्रदर्शनकारियों ने कुछ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कर्मचारियों को आंदोलन खत्म करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और भय का माहौल तैयार किया जा रहा है। कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें विभागीय संविदा कर्मचारियों को निजी आउटसोर्सिंग फर्म में भेजने की प्रक्रिया तत्काल रोकना, लंबित वेतन का जल्द भुगतान करना और कर्मचारियों के रोजगार व हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

उधर, प्रदर्शन के कारण डिपो में बस संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सुबह कार्यालय जाने वाले यात्रियों और दैनिक सफर करने वालों को बसों के इंतजार में लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ा। हालांकि बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों से वार्ता कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *