लखनऊ, 30 मई 2026 (यूएनएस)। लखनऊ पुलिस ने अयोध्या निवासी भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। मामले का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात गोमतीनगर के विनम्रखंड स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल के पास सिगरेट पीने को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ युवकों ने शिवम सिंह पर हमला कर दिया था। आरोपियों ने उनके सिर पर पत्थर से वार किया और गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए थे।
घायल शिवम सिंह को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद शिवम के भाई सौरभ सिंह, निवासी रामनगर धौरहरा, अयोध्या की तहरीर पर 27 मई को विभूतिखंड थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी। पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के निर्देशन में स्वाट, सर्विलांस और विभूतिखंड थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच के दौरान डालीगंज क्रॉसिंग, अलीगंज निवासी शांतनु उर्फ अंकित रावत, सेक्टर-बी अलीगंज निवासी हनी तिवारी उर्फ विवेक, आजमगढ़ के बरदह क्षेत्र निवासी विवेक सिंह तथा दीदारगंज निवासी अनुज सिंह के नाम सामने आए।
पुलिस ने शुक्रवार को शांतनु उर्फ अंकित रावत, हनी तिवारी उर्फ विवेक और विवेक सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शांतनु उर्फ अंकित रावत के खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि हनी तिवारी उर्फ विवेक पर पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
मामले का चौथा आरोपी अनुज सिंह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने उसकी सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
