लखनऊ, 15 मई 2026। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सपा नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समाजवादी पार्टी की चुप्पी से विवाद और गंभीर होता जा रहा है तथा सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने शुक्रवार को सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी से व्यापक आक्रोश व्याप्त है और इसकी तीखी निंदा होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि पुलिस में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मायावती के अनुसार संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी के नेतृत्व की खामोशी से मामला लगातार तूल पकड़ रहा है और स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। ऐसे में अखिलेश यादव को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए और खेद प्रकट करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से यह साबित होता है कि समाजवादी पार्टी का जातिवादी चाल-चरित्र अब भी नहीं बदला है और दलितों, अति पिछड़ों तथा मुस्लिम समाज की तरह ब्राह्मण समाज के प्रति भी उसका रवैया नकारात्मक बना हुआ है।
मायावती ने वर्तमान सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के प्रति सरकार के रवैये को लेकर भी इस वर्ग में भारी नाराजगी है, जो किसी से छिपी नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी ने हमेशा सर्वसमाज के साथ-साथ ब्राह्मण समाज को भी संगठन और सरकार में सम्मान तथा उचित भागीदारी दी है। मायावती ने कहा कि बसपा “इस्तेमाल करो और बाहर कर दो” की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि सर्वसमाज के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देती है।
