सरोजनीनगर। बंथरा के शिवपुरा गाँव में लखनऊ–कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को विवाद फिर से भड़क गया। गांव के पास एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए बनाए जा रहे स्लोप रैंप के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस पर नाराज ग्रामीणों ने पीएनसी कंपनी के कर्मचारियों को खदेड़कर काम रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्लोप रैंप की मिट्टी को रोकने के लिए बनाई जा रही दीवार उनके आवागमन को पूरी तरह बाधित कर देगी, जबकि कंपनी ने वैकल्पिक रास्ता मुहैया नहीं कराया है। इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उनके मकान और जमीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद अब तक मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ है।
इस मामले की जानकारी मिलने पर सपा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि बचान सिंह यादव, सभासद गोविंद यादव, इंद्रेश यादव, ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानू और दीपक यादव समेत अन्य सपा नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सांसद आरके चौधरी तक पहुंचाई।
सपा नेताओं के आने पर सरोजनीनगर तहसीलदार सुखबीर सिंह, पीएनसी कंपनी के एडीएम और अन्य अधिकारी भी स्थल पर पहुंचे। वहां काफी देर तक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच वार्ता चली। बैठक में तय हुआ कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद के साथ मिलकर पीएनसी कंपनी के डीजीएम से मुलाकात करेगा, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। फिलहाल, तब तक ग्रामीणों ने कंपनी से कार्य रोकने का आदेश दिया है।
याद रहे कि यह विवाद पहला नहीं है। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोक दिया था। उस समय पीएनसी कंपनी के अधिकारी जीवट साहू ने वैकल्पिक रास्ता बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन बिना रास्ता बनाए ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने पर बुधवार को फिर से विरोध प्रदर्शन हुआ।
स्थानीय लोग इस मामले में आशंका जताते हैं कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनके आवागमन और रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों ने कहा है कि जल्द ही समाधान निकालने के प्रयास किए जाएंगे।
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