अखिलेश ने उठाये एसआईआर पर सवाल, लगाया विधानसभा चुनाव में ‘वोट चोरी की तैयारी’ का आरोप

लखनऊ, 10 नवंबर : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से 427 दिन पहले ही ‘वोट चोरी, डकैती और बेईमानी’ की तैयारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) स्तर का कोई भी अधिकारी ‘पीडीए ‘ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय का नहीं है। उन्होंने दावा करते हुए कहा, ”जब ईआरओ आपकी बात नहीं सुनेगा तो मतदाता सूची कैसे ठीक होगी? इसका मतलब 2027 के विधानसभा चुनाव के 427 दिन पहले ही यह लोग वोट चोरी, डकैती की बेईमानी की तैयारी कर रहे हैं।”


अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी ने जब 2003 की मतदाता सूची मांगी तो पाया कि उसमें कुछ है ही नहीं। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का दस्तावेज बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के पास होगा तो वह क्या काम करेगा। उन्होंने कहा, ”जब आपका वोट ही गायब हो जाएगा तो आप क्या बोलेंगे।” अखिलेश यादव ने कहा, ”मुझे लगता है कि निर्वाचन आयोग ही एसआईआर के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। जब एक जगह इतनी शिकायत मिली हैं तो न जाने ऐसी कितनी जगह पर ऐसी शिकायतें होगी। हम निर्वाचन आयोग को लिखित में देंगे कि जो मतदाता सूची उपलब्ध कराये उसमें नाम पढ़े जा सकें।”

उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव में धांधली के लिये अधिकारियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि जब विधान परिषद की स्रातक और शिक्षक क्षेत्र निर्वाचन के वोट बन रहे थे तब अधिकारी पूरी तरह से भाजपा के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में चुनाव कराने वाले एक अधिकारी को “मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निर्देश मिल रहे थे।”
यादव ने आरोप लगाया, “अयोध्या में स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने मुझे बताया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारियों की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं है। उस अधिकारी से वादा किया गया था कि अगर वह सपा की हार सुनिश्चित कर देगा, तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच बंद कर दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने अब एक ऐसा फैसला दिया है जिसमें “वह अधिकारी फंस गया है।”


पूर्व मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर में एक छात्र द्वारा फीस नहीं दिए जाने के कारण परीक्षा से वंचित किए जाने से क्षुब्ध होकर खुद को आग लगाये जाने तथा अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी बहुत सी घटनाएं हो रही है जहां खासकर पीडीए के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनकी जान ली जा रही है।

अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा, ”चीन से कारोबार इतना बढ़ा दिया गया है कि हम और आप सोच ही नहीं सकते। पूरा का पूरा सामान चीन बना रहा है। अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था और अपने कारोबार को बचाने के लिए पाबंदियां लगा रहा है और दुनिया के देशों पर दबाव बना रहा है कि उसकी अर्थव्यवस्था कैसे बेहतर हो। भारत की सरकार हर पाबंदी को स्वीकार कर रही है।” उन्होंने नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद नोट बदलने के लिये बैंक की लाइन में खड़ी गर्भवती महिला से जन्मे बच्चे ‘खजांची’ का जन्मदिन भी मनाया और कहा, ”हम तब तक जन्मदिन मनाएंगे जब तक भाजपा की सरकार नहीं जाएगी।”
अखिलेश यादव ने खजांची को मंच पर बुलाया और उसे बधाई दी। इस दौरान बर्थडे गिफ्ट के बारे में पूछने पर खजांची ने उनसे एक मोबाइल फोन की मांग की। उन्होंने इस शर्त पर फोन देने का वादा किया कि वह दिन में सिर्फ 40 मिनट ही फोन का इस्तेमाल करेगा।

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