लखनऊ, 5 जुलाई 2026। मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और सरकार विपक्षी नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों से भयभीत है।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि यदि किसी दूसरे राज्य का पूर्व मंत्री राजनीतिक कार्यक्रम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश आता है और उसे रोकने के लिए कथित तौर पर नजरबंद कर दिया जाता है, तो यह दर्शाता है कि सरकार विपक्ष से डर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर इस प्रकार की रोक उचित नहीं है। उनके अनुसार, सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं कर रही और प्रदेश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसे उन्होंने “अघोषित इमरजेंसी” की संज्ञा दी।
मुकेश सहनी ने दावा किया कि जनता भविष्य में ऐसी सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल उत्तर प्रदेश में अपने संगठन के विस्तार और जनाधार को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
