हरदोई,02 जुलाई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने हरदोई के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह को गुरुवार को निलंबित कर दिया। उन पर 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने में लापरवाही और पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए बेसिक शिक्षा निदेशालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की विभागीय जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक (षष्ठ मंडल) को सौंपी गई है।
मामला 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 गणित शिक्षकों के मूल अभिलेख गायब होने का है। जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देश पर गठित जांच समिति ने 19 जून को बीएसए कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद कई अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बीएसए डॉ. अजीत सिंह को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया था।
इसी बीच 19 जून को बीएसए के खिलाफ पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। आरोप था कि उन्होंने एजुकेटर भर्ती से जुड़ी एक संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग की, जिसमें से दो लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया गया।
हालांकि डॉ. अजीत सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा और एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी पर उन्हें साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पिछले चार महीनों से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बैठकों में अपमानित किया गया और जिला छोड़ने का दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई ठोस सबूत नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
शासन की कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच में दस्तावेज गायब होने, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और रिश्वत के आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी।
