मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका

लखनऊ, 01 जुलाई। राजधानी लखनऊ में बुधवार को लंबित मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे रोजगार सेवकों ने हजरतगंज स्थित दारुलशफा के सामने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर कूच करने लगे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव भी किया जाएगा।

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राम लखन तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को ग्राम रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाएं अब तक लागू नहीं की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शासन स्तर पर मांगें उठाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 7,788 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। उनका आरोप है कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से कई ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय का भुगतान भी नहीं हुआ है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।

राम लखन तिवारी ने दावा किया कि आर्थिक तंगी और उपेक्षा के कारण कई ग्राम रोजगार सेवकों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन सरकार और प्रशासन ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों ने हमेशा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उन्हें जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि प्रमुख सचिव स्तर पर प्रस्तावित वार्ता में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो इको गार्डन में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल तथा विधानसभा घेराव जैसे आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

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