रामपुर, 30 जून 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 700 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाते थे और जय श्रीराम के उद्घोष पर आपत्ति जताते थे, वही आज आस्था की वकालत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता उनके दोहरे चरित्र को भलीभांति समझ चुकी है।
रामपुर के मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल परीक्षा-2026 के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को चेक, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के पात्र परिजनों को सहायता राशि वितरित की तथा सामाजिक विकास में योगदान देने वाले व्यापारियों को भी सम्मानित किया।
‘रामभक्ति की दुहाई देने वालों को जनता ने बदला’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में रामभक्तों पर लाठियां बरसाई जाती थीं और गोलियां चलाई जाती थीं। आज वही लोग रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन जनता की लोकतांत्रिक ताकत का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले आज रामभक्ति की वकालत कर रहे हैं। यह जनता के वोट की ताकत है कि वे आज आपकी पिछलग्गू बनने को मजबूर हैं। उन्हें अपने पुराने कर्मों पर पश्चाताप भी होता होगा, लेकिन प्रभु श्रीराम सब जानते हैं कि कौन सही है और कौन गलत।”
सपा-कांग्रेस पर विरासत विरोधी होने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, विंध्याचल और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से परेशानी है।
उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस यह नहीं चाहती थीं कि अयोध्या धाम, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों का भव्य विकास हो। जब वे इसे रोक नहीं सके तो अब जनता को भ्रमित करने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी कभी भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाती थी, वही आज राम को सबका बताकर अयोध्या जाने की बात कर रही है।
‘2017 से पहले रामपुर में गरीबों की जमीनें कब्जाई जाती थीं’
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले रामपुर में गरीबों और वाल्मीकि समाज की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे तथा उनकी आवाज दबा दी जाती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विकास केवल दो परिवारों तक सीमित था और प्रदेश में बिजली वितरण तक में भेदभाव होता था। उन्होंने कहा कि अब डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी 75 जिलों में विकास कार्य करा रही है।
‘भर्तियों में चाचा-भतीजा वसूली करते थे’
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए समाजवादी पार्टी पर सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले जैसे ही सरकारी भर्तियों का विज्ञापन निकलता था, “चाचा-भतीजा की जोड़ी” वसूली में लग जाती थी और न्यायालय को भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू है और योग्य युवाओं को बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।
रामपुर की धार्मिक और आर्थिक विरासत पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रामपुर की धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बामेश्वर महादेव, पातालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी धाम के विकास कार्यों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कांवड़ यात्रा, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और दीपावली जैसे सभी धार्मिक आयोजन पूरी सुरक्षा और भव्यता के साथ संपन्न हो रहे हैं।
रामपुर को मिलेगा नया आर्थिक कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर-शामली आर्थिक कॉरिडोर रामपुर से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है और बिलासपुर की रुद्रविलास चीनी मिल के पुनरुद्धार के लिए सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के माध्यम से रामपुर के पैचवर्क, जरी कार्य, वायलिन निर्माण और मेंथा उत्पादन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई इकाइयों को पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर दिया गया है। गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन तथा मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सरकारी विद्यालयों और इंटर कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधायक राजबाला सिंह, आकाश सक्सेना, शफीक अहमद अंसारी, विधान परिषद सदस्य जयपाल सिंह, हरी सिंह ढिल्लों, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी तथा भाजपा के अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
