लखनऊ, 28 जून 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा जन-अभियान लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। रविवार को स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन सेना, लखनऊ की ओर से आयोजित 423वें साप्ताहिक स्वच्छता अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने गोमती नदी से करीब 15 कुंतल कचरा और अपशिष्ट सामग्री निकालकर पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान कर नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया।
हनुमान सेतु के समीप झूलेलाल पार्क स्थित गोमती नदी तट पर आयोजित यह अभियान लगभग दो घंटे तक चला। इस दौरान स्वयंसेवकों ने नदी में जमा प्लास्टिक, पॉलीथिन, कपड़े, पूजा सामग्री, थर्मोकोल और अन्य ठोस अपशिष्ट को बाहर निकालकर नदी तट की व्यापक सफाई की। अभियान के दौरान आसपास मौजूद लोगों को भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान का नेतृत्व कर रहे संयोजक एवं पार्षद रणजीत सिंह ने कहा कि गोमती केवल एक नदी नहीं बल्कि लखनऊ की जीवनरेखा है। यदि इसके संरक्षण के लिए समाज और सरकार मिलकर प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाले समय में नदी का अस्तित्व गंभीर संकट में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से प्रत्येक रविवार को लगातार चल रहा यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित कर रहा है।
स्वयंसेवकों ने इस दौरान सरकार से मांग की कि गोमती सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों में गिरने वाले नालों पर आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएं, ताकि बिना शोधन का गंदा पानी सीधे नदी में न पहुंचे। उनका कहना था कि केवल सफाई अभियान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रदूषण के स्रोतों पर भी प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
अभियान में शामिल लोगों ने यह भी कहा कि गोमती को स्वच्छ बनाने के लिए जनसहभागिता सबसे बड़ा माध्यम है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर नदी में कचरा फेंकने से परहेज करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे तो गोमती को निर्मल बनाए रखने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
अभियान में प्रीति जैन, रत्ना वर्मा, शिखा सिंह, शगुन तिवारी, शक्ति तिवारी, पलक, पिंकी, उदय सिंह, विष्णु तिवारी, विवेक जोशी, कमल दुबे, वीरेंद्र जोशी, कमलेश चौधरी, रिंकू सिंह, परवेश यादव, अजय जोशी, पवन, परमेश जोशी, रामकुमार वाल्मीकि, आनंद वर्मा, ललित कश्यप, मनोज सिंह, शैलेन्द्र सिन्हा, सूर्या दुबे, अर्नव जैन, हिमांशु कश्यप, पंकज तिवारी, जे.पी. गुप्ता, संकल्प शर्मा और राजेश जोशी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्वयंसेवकों ने अंत में यह संकल्प लिया कि गोमती नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाने की यह मुहिम भविष्य में भी प्रत्येक रविवार को निरंतर जारी रहेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित प्राकृतिक धरोहर सौंपी जा सके।
