राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष को योगी की दोटूक, बोले- आस्था से खिलवाड़ न करें, सबूत हैं तो एसआईटी को दें

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष को योगी की दोटूक, बोले- आस्था से खिलवाड़ न करें, सबूत हैं तो एसआईटी को दें

 देवरिया, 27 जून 2026 (यूएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और इस विषय पर राजनीति कर जनभावनाओं से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था और एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण या साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने के बजाय एसआईटी को सौंपना चाहिए।

देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। ऐसे पवित्र विषय पर बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बचाने वाली नहीं है, लेकिन निराधार आरोपों से समाज में भ्रम फैलाना और रामभक्तों की भावनाओं को आहत करना भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि जांच और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज भगवान राम और अयोध्या की चिंता जता रहे हैं, वही लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जय श्रीराम के उद्घोष पर कार्रवाई होती थी और धार्मिक आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं, जबकि आज वही लोग आस्था की राजनीति कर रहे हैं।

बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आए एक नेता आज अयोध्या की चिंता कर रहे हैं, जबकि दिल्ली की जनता ने उन्हें लंबे समय तक शासन का अवसर दिया, लेकिन उन्होंने राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में भी डबल इंजन सरकार की तरह विकास कार्य हुए होते तो राजधानी भी आज अयोध्या की तरह विकास और सुशासन का उदाहरण बन चुकी होती।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि रामभक्तों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय न बनाया जाए और न्यायिक एवं जांच प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखा जाए।

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