राम मंदिर जमीन खरीद घोटाले के पुख्ता दस्तावेज AAP नेता संजय सिंह ने SIT को सौंपे, करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: संजय सिंह

लखनऊ, 25 जून 2026। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में जमीन खरीद घोटाले के पुख्ता दस्तावेज (SIT) के अध्यक्ष आईएएस विजय विश्वास पंत से मुलाकात कर भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों का विस्तृत संकलन उन्हें सौंपा। करीब आधे घंटे तक चली बैठक में उन्होंने बिंदुवार तथ्यों के साथ जमीन खरीद, चंदे के दुरुपयोग तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 11 सेट दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया, लेकिन उस आस्था के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि अब SIT के सामने सभी दस्तावेज हैं और दोषियों पर निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

SIT को सौंपे गए दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध भूमि सौदों का विवरण
संजय सिंह ने बताया कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि करोड़ों रुपये के चंदे का उपयोग बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर जमीन खरीदने में किया गया। उन्होंने दावा किया कि दान में मिली जमीन 1 करोड़ रुपये में बेची गई, लगभग 9 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 55 करोड़ 47 लाख रुपये में खरीदी गई तथा लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 24 करोड़ रुपये में खरीदी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से एक जमीन नजूल भूमि थी, जिसे न बेचा जा सकता है और न खरीदा जा सकता है, फिर भी ट्रस्ट ने चंदे का पैसा खर्च कर उसे खरीद लिया।

भाजपा नेताओं और उनके रिश्तेदारों की भूमिका पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि उस समय के भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के रिश्तेदार दीप नारायण से जुड़े कई दस्तावेज भी SIT को दिए गए हैं। उनके अनुसार दान में प्राप्त जमीन बाद में ट्रस्ट को करोड़ों रुपये में बेची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सौदों के माध्यम से ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान पहुंचाकर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

पांच मिनट में दो करोड़ की जमीन साढ़े अठारह करोड़ में बेचने का मामला बताया सबसे चौंकाने वाला
संजय सिंह ने कहा कि 18 मार्च 2021 का एक दस्तावेज अत्यंत गंभीर है, जिसमें कुसुम पाठक और हरीश पाठक से रवि मोहन तिवारी तथा सुल्तान अंसारी ने लगभग 2 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी और मात्र पांच मिनट बाद वही जमीन लगभग साढ़े 18 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेच दी गई। उन्होंने कहा कि दोनों रजिस्ट्रियों में एक ही गवाह—तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट सदस्य अनिल कुमार मिश्रा—का होना पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाता है।

कई अन्य जमीन सौदों पर भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप

संजय सिंह ने बताया कि विभिन्न दस्तावेजों में ऐसे अनेक सौदे दर्ज हैं जिनमें लाखों रुपये मूल्य की जमीनें कई गुना अधिक कीमत पर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि एक मामले में 20 लाख रुपये में खरीदी गई जमीन सात महीने बाद ढाई करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेच दी गई। एक अन्य मामले में लगभग 92 लाख रुपये मूल्य की जमीन 5 करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदी गई। कुछ दस्तावेजों में खरीद मूल्य का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं है, जिसकी भी जांच आवश्यक है।

सरकारी खरीद और ट्रस्ट की खरीद के दामों में भारी अंतर पर उठाया सवाल
संजय सिंह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से लगभग 4 लाख 40 हजार रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीद रही थी, वहीं उसी क्षेत्र में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा लगभग 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीदी गई। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यों के लिए लोग सामान्यतः जमीन दान कर देते हैं या कम कीमत पर उपलब्ध कराते हैं, लेकिन यहां हजारों प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदारी किए जाने से गंभीर भ्रष्टाचार की आशंका उत्पन्न होती है।

दानपात्र और धार्मिक धरोहरों की चोरी का भी उठाया मुद्दा
संजय सिंह ने कहा कि जमीन खरीद के अलावा मंदिर के दानपात्र और धार्मिक धरोहरों से जुड़े कई गंभीर मामले भी सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चांदी, प्रभु श्रीराम की पादुका, हार तथा अन्य धार्मिक वस्तुओं की चोरी के मामलों में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं तो अब तक किसी की गिरफ्तारी या एफआईआर क्यों नहीं हुई, यह बेहद गंभीर प्रश्न है।

देश की जनता के सामने सभी दस्तावेज रखने की अपील
संजय सिंह ने मीडिया से अपील की कि वह सभी दस्तावेजों का तथ्यात्मक अध्ययन कर उन्हें देश की जनता के सामने रखे। उन्होंने कहा कि संबंधित जमीनों का वास्तविक स्थान भी देखा जाना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे धार्मिक आवश्यकता के अनुरूप खरीदी गई थीं या किसी अन्य उद्देश्य से।

निष्पक्ष जांच से ही बचेगी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था
संजय सिंह ने कहा कि यह केवल जमीन खरीद का मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी मूल दस्तावेज SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत को सौंप दिए हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी मिला है। अब पूरे देश की निगाह इस बात पर है कि जांच एजेंसी कब तक अपनी कार्रवाई पूरी कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करती है।

SIT अध्यक्ष ने कार्रवाई का भरोसा दिया, अब प्रदेश की जनता न्यायपूर्ण जांच और दोषियों पर कार्रवाई का कर रही इंतजार: संजय सिंह
इस मौके पर उनके साथ दिल्ली के पूर्व विधायक, प्रदेश सह प्रभारी दिलीप पांडेय, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, दिनेश पटेल, विनय पटेल, सर्वेश मिश्रा, महेंद्र सिंह, वंशराज दुबे, सरबजीत सिंह मक्कड़ और प्रखर श्रीवास्तव मौजूद रहे ।

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