मुजफ्फरनगर-हरिद्वार आरआरटीएस कॉरिडोर को योगी सरकार की हरी झंडी

लखनऊ, 23 जून 2026 (यूएनएस)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर-हरिद्वार रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कराने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इस निर्णय को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

डीपीआर तैयार कराने को मिली सैद्धांतिक मंजूरी, मुख्यमंत्री से मिलकर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जताया आभार

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आधारभूत संरचना और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित मुजफ्फरनगर-हरिद्वार आरआरटीएस कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा साबित होगा। इस परियोजना के साकार होने से मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके साथ ही यह कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगा और आर्थिक गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना के लागू होने से व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र तक तेज और सुगम संपर्क स्थापित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ पहुंचेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मंत्री ने कहा कि आरआरटीएस जैसी आधुनिक सेमी हाई-स्पीड परिवहन परियोजनाएं केवल यात्रा को आसान नहीं बनातीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित होगा तथा औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार आरआरटीएस कॉरिडोर लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रहा है। इस परियोजना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिलना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए खुशी और गर्व का विषय है। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास का नया अध्याय लिखने का काम करेगी।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुख सोच और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण उत्तर प्रदेश आज निवेश, आधारभूत संरचना और परिवहन सुविधाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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