सीयूईटी परीक्षा में अव्यवस्था पर छात्रों का हंगामा, घंटों देरी से शुरू हुई परीक्षा

वाराणसी, 30 मई 2026 (यूएनएस)। वाराणसी में शनिवार को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था और देरी को लेकर छात्रों तथा अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। सारनाथ स्थित एक परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने परीक्षा संचालन में हुई देरी और व्यवस्थाओं की कमी के विरोध में हंगामा किया। इस दौरान केंद्र के बाहर कुछ छात्रों और अन्य लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई।

छात्रों का आरोप है कि तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते भीषण गर्मी और उमस के बीच उन्हें कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

शनिवार को सीयूईटी के लिए वाराणसी के विभिन्न स्कूलों, महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और परीक्षा केंद्रों को नामित किया गया था। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही थी। बताया गया कि ऑनलाइन प्रश्नपत्र अपलोड होने में तकनीकी समस्या आने के कारण परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित हुआ।

पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह सात बजे तक केंद्र पर रिपोर्ट करना था, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया में ही देरी हो गई। बाद में छात्रों को केंद्र में प्रवेश तो मिला, लेकिन परीक्षा निर्धारित समय से काफी देर बाद शुरू हो सकी। इसके कारण पहली पाली के अभ्यर्थी दोपहर लगभग ढाई बजे परीक्षा केंद्र से बाहर निकल सके।

करीब साढ़े सात घंटे तक परीक्षा केंद्र के भीतर रहने के बाद बाहर निकले छात्रों ने बताया कि अंदर पेयजल और गर्मी से राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होने में हुई देरी के संबंध में भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

पहली पाली में हुई देरी का असर दूसरी पाली के परीक्षार्थियों पर भी पड़ा। दूसरी पाली के लिए रिपोर्टिंग समय दोपहर एक बजे निर्धारित था, लेकिन अभ्यर्थियों को लंबे समय तक केंद्र के बाहर इंतजार करना पड़ा। भीषण गर्मी में अभिभावक और छात्र सड़क किनारे तथा फुटपाथों पर खड़े रहने को मजबूर रहे।

दोपहर करीब ढाई बजे के बाद दूसरी पाली के छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद अभिभावकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में बच्चों को लंबे समय तक बाहर खड़ा रखना गंभीर लापरवाही है।

छात्रों के अनुसार, जो परीक्षा दोपहर में शुरू होनी थी, वह शाम करीब चार बजे प्रारंभ होने की सूचना दी गई। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार तथा इस तरह की अव्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

हालांकि परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से तकनीकी समस्या को देरी का कारण बताया गया है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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