राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बड़े बदलाव की तैयारी, सप्लायर्स को 5 साल तक जेल का प्रस्ताव

नई दिल्ली, 22 मई 2026। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन में ऐसे सप्लायर्स और तस्करों के लिए पांच साल तक की जेल और दो लाख रुपये तक जुर्माने का सुझाव रखा गया है।

पत्रकारों से बातचीत में मांडविया ने कहा कि डोपिंग अब केवल खेलों तक सीमित उल्लंघन नहीं रह गया है, बल्कि यह खिलाड़ियों का शोषण करने वाला एक संगठित नेटवर्क बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा करना और डोपिंग से लाभ कमाने वाले आपराधिक गिरोहों पर कड़ा प्रहार करना है।

प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति किसी खिलाड़ी को डोपिंग के उद्देश्य से या उससे जुड़े किसी कारण से प्रतिबंधित पदार्थ उपलब्ध कराता है, तो उसे पांच साल तक कारावास, दो लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।

खेल मंत्री ने बताया कि संशोधित विधेयक संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

मांडविया ने स्पष्ट किया कि केवल डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आने या डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर खिलाड़ियों को अपराधी नहीं माना जाएगा। खिलाड़ियों से जुड़े मामलों की सुनवाई मौजूदा डोपिंग रोधी ढांचे के तहत ही जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है जो अवैध तरीके से प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करते हैं। इसमें संगठित गिरोह, दोषी सहयोगी स्टाफ, तस्कर और खिलाड़ियों को डोपिंग के लिए उकसाने वाले लोग शामिल होंगे।

सरकार का मानना है कि खेलों में निष्पक्षता बनाए रखने और खिलाड़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए डोपिंग नेटवर्क पर कानूनी शिकंजा कसना जरूरी हो गया है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *