एनसीआर में तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल शुरू, टैक्सी-ट्रक यूनियनों का चक्का जाम

नई दिल्ली, 22 मई 2026। दिल्ली सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों पर पर्यावरण मुआवजा उपकर बढ़ाए जाने के विरोध में गुरुवार से दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल शुरू हो गई। ट्रक चालकों, निजी बस संचालकों, टैक्सी और मैक्सी कैब यूनियनों ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। हड़ताल 23 मई तक जारी रहेगी।

ट्रांसपोर्ट और टैक्सी यूनियनों की सर्वोच्च संस्था All India Motor Transport Congress (एआईएमटीसी) ने मंगलवार को हुई बैठक में आंदोलन का फैसला लिया था। यूनियन का कहना है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), अदालतों और दिल्ली सरकार की ओर से परिवहन क्षेत्र पर लागू की जा रही नीतियां “अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक” हैं।

यूनियन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लगातार बढ़ते पर्यावरण शुल्क और अन्य प्रतिबंधों से परिवहन कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसके विरोध में ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने तीन दिनों तक वाहनों का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया है।

वहीं, दिल्ली के वाणिज्यिक वाहन चालकों के विभिन्न संगठनों ने भी हड़ताल को समर्थन देते हुए टैक्सी और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग उठाई है। चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वाहन चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा, “मध्यम वर्गीय चालक अपने परिवार का खर्च चलाने में संघर्ष कर रहे हैं। इसी वजह से दिल्ली के कई संगठनों के साथ मिलकर 21, 22 और 23 मई को चक्का जाम का आह्वान किया गया है।”

हालांकि, दिल्ली की छह ऑटो रिक्शा यूनियनों ने इस हड़ताल से खुद को अलग कर लिया है। इसके बावजूद ट्रक, टैक्सी और निजी बस सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हड़ताल के चलते दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *