नयी दिल्ली, 20 मई 2026 (यूएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है, जबकि महबूबा मुफ्ती उनके बचाव में उतर आई हैं।
दरअसल, रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर उन्होंने विवादित बयान देते हुए दोनों को गद्दार कहा और देश बेचने का आरोप लगाया है। तथा संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि राहुल गांधी जिस राजनीतिक परिवेश में पले-बढ़े हैं, उसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कई ऐतिहासिक फैसलों और विवादों को गिनाया तथा कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने कार्यों को उपलब्धि बताया, गद्दारी नहीं।
ओडिशा सरकार में मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति नकारात्मक सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी को भारतीय संस्कृति का अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से भाजपा ने असहमति रखने वाले हर व्यक्ति को गद्दार कहना शुरू किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश में जिस तरह की राजनीतिक भाषा को बढ़ावा दिया, आज उसी का परिणाम सामने आ रहा है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुसलमानों और सेक्युलर विचारधारा रखने वाले लोगों को लगातार पाकिस्तान या अब ईरान जाने तक की बातें कही जाती रही हैं। ऐसे में राहुल गांधी के बयान पर इतना विवाद खड़ा करना भाजपा की दोहरी राजनीति को दर्शाता है।
