लखनऊ, 10 मई। एके शर्मा ने समाजवादी पार्टी और उसके शासनकाल पर बिजली व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। प्रदेशभर में लगे उन पोस्टरों के बीच, जिनमें अखिलेश यादव को “कटियाबाज” बताया गया है, ऊर्जा मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बदहाल कर दी गई थी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सपा शासन में नेताओं, गुंडों और माफियाओं को खुलेआम बिजली चोरी की छूट दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय “कटियाबाजी” को संरक्षण मिला हुआ था और कई जगहों पर सपा से जुड़े लोग खुद बिजली चोरी करवाते थे।
उन्होंने कहा, “अखिलेश सरकार ने प्रदेश के पूरे बिजली ईको सिस्टम में बबूल बोने का काम किया। जगह-जगह इनके गुंडे और माफिया बिजली के वितरक बन गए थे। खुद कटिया डालते थे और दूसरों से भी बिजली चोरी करवाते थे।”
एके शर्मा ने दावा किया कि संभल, मथुरा समेत कई जिलों में सुनियोजित तरीके से बिजली चोरी कराई जाती थी। योगी सरकार ने ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारने का काम किया है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सपा सरकार के दौरान लगाए गए ट्रांसफॉर्मर, तार और बिजली के खंभे बेहद खराब गुणवत्ता के थे, जिनकी वजह से आज भी प्रदेश को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जर्जर तारों और बार-बार फुंकने वाले ट्रांसफॉर्मरों की समस्या पिछली सरकार की देन है।
उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। तकनीकी सुधारों और डिजिटल व्यवस्था के जरिए भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश की गई है।
एके शर्मा ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने बिजली खरीद में भी अनियमितताएं कीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने वर्तमान दरों से अधिक कीमत पर बिजली खरीद समझौते किए, जिसका बोझ आज भी जनता पर पड़ रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग में भर्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में बिना मेरिट और गलत तरीके से नियुक्तियां की गईं, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ा और उपभोक्ताओं का शोषण हुआ।
इसके साथ ही उन्होंने बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की पीएफ राशि गलत जगह निवेश कर कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, जिससे विभाग में असुरक्षा और भ्रष्टाचार का माहौल बना।
