बेटी ने अखिलेश को खिलाया प्रसाद, पिता का हुआ पदावनत—छावनी परिषद में विवाद

लखनऊ, 06 मई 2026। छावनी परिषद प्रशासन में एक कर्मचारी के पद परिवर्तन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सफाई सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत उमेश कुमार को हटाकर सफाईकर्मी बना दिया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।

उमेश कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भंडारे का प्रसाद खिलाने के बाद यह कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें उनके मूल पद से हटाकर नीचे के पद पर भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर अंजली मैसी ने छावनी परिषद गेट के पास भंडारे का आयोजन किया था। उसी दिन बैसाखी पर्व पर अखिलेश यादव सदर गुरुद्वारा में दर्शन के लिए पहुंचे थे। गुरुद्वारे से निकलते समय अंजली ने उनसे प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया, जिस पर उन्होंने गाड़ी से उतरकर प्रसाद लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

इसके दो दिन बाद, 16 अप्रैल को छावनी परिषद प्रशासन ने आदेश जारी कर उमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सफाईकर्मी के पद पर भेज दिया। इससे पहले वर्ष 2023 में उन्हें सुपरवाइजर स्तर के कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

उमेश कुमार का कहना है कि उन्होंने भंडारे के आयोजन को लेकर मध्य कमान, मुख्य अधिशासी अधिकारी, रक्षा संपदा विभाग और स्थानीय थाना सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर अनुमति भी मांगी थी।

वहीं, छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कार्रवाई अखिलेश यादव को प्रसाद खिलाने के कारण नहीं, बल्कि बिना अनुमति उच्च अधिकारियों को सीधे आमंत्रण भेजने के कारण की गई है, जो सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध है।

मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और कर्मचारी के साथ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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