लखनऊ, 06 मई 2026। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए बुधवार को उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि मतगणना प्रक्रिया के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं, अधिकारियों, कारोबारियों और ठेकेदारों का एक “बहु-स्तरीय चुनावी माफिया” पश्चिम बंगाल में सक्रिय रहा और अब उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भी नई रणनीति के साथ सक्रिय हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि “हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट तुरंत संज्ञान लेकर बंगाल की मतगणना के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कराए।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालतों की कार्यवाही का लाइव प्रसारण संभव है, तो मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी क्यों नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भी पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पश्चिम बंगाल की 143 सीटों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बड़ी संख्या में वोट काटे गए, जिनमें से 91 सीटों पर भाजपा को जीत मिली। सपा प्रमुख के अनुसार, यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि भाजपा को अपने वोट कटने की जानकारी कैसे होती है, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने आशंका जताई कि बंगाल में अपनाए गए तौर-तरीकों से भी आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश चुनाव में प्रयोग किए जा सकते हैं।
सपा प्रमुख ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में “पीडीए” (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के आधार पर ऐतिहासिक जीत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि “प्रदेश की जनता, कार्यकर्ता और संगठन मिलकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे।”
पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि किसी भी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला या कार्यालय जलाना लोकतंत्र को कमजोर करता है। उन्होंने ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले पर कहा कि “जब चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल हैं, तो इस्तीफे का सवाल भी अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए।”
इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी गठबंधन के साथ बनी रहेगी, लेकिन इस बार पीडीए के सहारे भाजपा को “समूल उखाड़ फेंकने” का लक्ष्य रखा गया है।
