लखनऊ/हरदोई, 29 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में प्रदेश के किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी भूमि देकर इस परियोजना को समय पर पूरा करने में अहम योगदान दिया है।
हरदोई के मल्लावां में आयोजित उद्घाटन समारोह से पहले सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जिलों के किसानों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराई। उन्होंने सभी अन्नदाता किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा कर पाना संभव नहीं था।
इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को पूर्वी क्षेत्र के प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे परिवहन को तेज और सुगम बनाने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी नई गति देगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उनके अनुसार, यह परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगी और कृषि विपणन, उद्योग तथा क्षेत्रीय संतुलित विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इसके शुरू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
कार्यक्रम में आनंदीबेन पटेल, केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक तथा पंकज चौधरी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
