लखनऊ, 26 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को हरदोई में होने जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे और एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करेंगे।
यह एक्सप्रेसवे राज्य के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इसकी आधारशिला 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी, जबकि इसकी घोषणा वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।
आठ जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
उद्घाटन समारोह हरदोई में आयोजित होगा, लेकिन मेरठ, प्रयागराज सहित कुल आठ जिलों में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने इसे लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे, यात्रा समय होगा आधा
करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इसके जरिए 12 जिलों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दो दशक पुराना सपना होगा साकार
गंगा एक्सप्रेसवे की अवधारणा करीब दो दशक पहले सामने आई थी, जिसमें वाराणसी से हरिद्वार तक कनेक्टिविटी की परिकल्पना की गई थी। विभिन्न कारणों और कानूनी अड़चनों के चलते यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे तेजी से आगे बढ़ाया।
सुरक्षा और तैयारियां तेज
उद्घाटन को लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। खासकर मेरठ के बिजौली क्षेत्र, जो इस एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिंदु है, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डीएम डॉ. वीके सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समय पर पूरी हों और सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
