लखनऊ, 24 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम जनता को न्याय मिलना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है और प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर भी संदेह पैदा हो रहा है।
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने हाथरस सहित कई घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भी अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोग सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
चुनावी माहौल पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग निर्भीक होकर मतदान करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में भी चुनाव के दौरान व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए जाने चाहिए ताकि मतदाता स्वतंत्र रूप से अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे बदलते राजनीतिक संकेतों को समझ रहे हैं और उसी के अनुसार अपनी कार्यशैली में बदलाव कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे को उठाते हुए सामाजिक न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया।
भाजपा की पदयात्राओं पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्यक्रमों में महिलाओं को पर्याप्त जानकारी के बिना शामिल किया गया, जो महिला सम्मान के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने गाजीपुर, कानपुर, हरदोई और मेरठ की घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है और आने वाले समय में मतदाता इसका जवाब जरूर देंगे।
