हंगामेदार रही नगर निगम सदन बैठक, तख्ती टांगकर पहुंचे पार्षद

लखनऊ, 15 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। लखनऊ नगर निगम की सदन बैठक बुधवार को करीब सवा दो घंटे तक हंगामे की भेंट चढ़ी। सुबह 9 बजे बैठक शुरू होते ही सोलर पैनल पर छूट को लेकर तीखी बहस छिड़ गई, जो देखते ही देखते आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।

बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी के पार्षद नागेंद्र सिंह के एक बयान पर माहौल और गरमा गया। उन्होंने कहा कि “किसी को कुछ नहीं आता, चुनाव चिह्न छाता”, जिस पर महापौर सुषमा खर्कवाल नाराज हो गईं। उन्होंने कड़े लहजे में जवाब देते हुए कहा कि “कोई भी मां के पेट से सीखकर नहीं आता, अगर दिक्कत है तो सदन छोड़कर जा सकते हैं।”

इसके बाद बोलने का अवसर न मिलने का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षद हरिश्चंद्र लोधी, उमेश सनवाल और प्रमोद सिंह राजन ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान कई पार्षद तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए भी नजर आए।

बैठक में देरी से पहुंचने पर महापौर ने लायन एनवायर कंपनी के मालिक रणधीर सिंह को फटकार लगाई और समय की पाबंदी का पालन करने की हिदायत दी।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने बैठक के बाद बताया कि कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिया मऊ स्थित एक जमीन दीन दयाल सेवा न्यास द्वारा नगर निगम को सौंप दी गई है, जिस पर अब लखनऊ विकास प्राधिकरण नियोजित विकास कार्य कराएगा।

बैठक में अन्य मुद्दों पर भी तीखी चर्चा हुई। भाजपा पार्षद मुकेश सिंह मोंटी ने मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों में अधिकारियों की लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने सोलर पैनल पर दी जा रही छूट के दावों को गलत बताते हुए कहा कि सदन में इसकी सच्चाई सामने आ गई है।

समाजवादी पार्टी की पार्षद ममता रावत ने अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 20 गाड़ियों के स्थान पर केवल 15 गाड़ियां ही चल रही हैं, जिससे समस्या बनी हुई है और सुनवाई नहीं हो रही है।

भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि कई पार्षदों को बोलने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने शहर में सड़कों पर चल रही फूड वैन और नालों की सफाई की दर बढ़ाने की मांग भी उठाई। वहीं पार्षद मनीष रस्तोगी ने सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

भाजपा पार्षद अमित चौधरी ने विपक्ष की भूमिका को निराशाजनक बताते हुए कहा कि सदन में रचनात्मक सहयोग की आवश्यकता है, ताकि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों का समाधान निकाला जा सके।

कुल मिलाकर, नगर निगम की यह बैठक हंगामे और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा तो हुई, लेकिन सहमति बनती नहीं दिखी।

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