नोएडा हिंसा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दो टूक—फैक्ट्रियों में बाहरी तत्वों का दखल बर्दाश्त नहीं

लखनऊ, 15 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि फैक्ट्रियों के कामकाज में किसी भी बाहरी तत्व का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे हस्तक्षेप से औद्योगिक शांति और विकास प्रभावित होता है।

मुख्यमंत्री ने यह बयान लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के संयंत्र से 10 लाखवीं गाड़ी को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिया। यह टिप्पणी नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के दो दिन बाद आई है।

गौरतलब है कि नोएडा में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों सहित फैक्ट्री मजदूरों ने वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन किया था। कुछ स्थानों पर यह प्रदर्शन उग्र हो गया, जिससे पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी इन घटनाओं के पीछे साजिश की आशंका जताई थी, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य और समाज की प्रगति के लिए जरूरी है कि औद्योगिक संस्थानों में अनुशासन और स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में हमारी फैक्ट्रियों या औद्योगिक इकाइयों में बाहरी हस्तक्षेप न हो। बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले कम होते हैं।”

मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस समूह ने हजारों परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया है और उनके जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों के प्रति समाज में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए, क्योंकि ये रोजगार, शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने टाटा मोटर्स के लखनऊ संयंत्र के 34 वर्षों के सफर को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां निर्मित बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम योगदान दे रही हैं। इस अवसर पर टाटा समूह के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन, टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक गिरीश वाघ, प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाखवीं वाणिज्यिक वाहन का उत्पादन केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक है। उन्होंने राज्य की युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि कुल श्रमशक्ति में 56 प्रतिशत से अधिक युवा हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कौशल, नवाचार और तकनीक से जोड़ा जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के योगदान को भी याद किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा मोटर्स संयंत्र की स्थापना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिली है।

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