पीएम मोदी का महिलाओं के नाम खास पत्र, 2029 से संसद में बदलेगा स्वरूप

प्रधानमंत्री मोदी ने इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस), शाह अब्दुल्ला द्वितीय (जॉर्डन), हैथम बिन तारिक (ओमान) और अनवर इब्राहिम (मलेशिया) से अलग-अलग टेलीफोन वार्ता की

नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर देश की महिलाओं के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वर्ष 2029 से संसद और विधानसभाओं का स्वरूप बदल जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि देश की माताएं, बहनें और बेटियां 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण सुनिश्चित किए जाने के निर्णय की सराहना कर रही हैं। उन्होंने इसे दशकों से लंबित एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

उन्होंने लिखा कि बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती भारत के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है और उनके द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेकर ही सरकार आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी ने कहा कि संविधान ने समानता और समावेशिता का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर चलते हुए महिला आरक्षण को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने आगामी संसदीय सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में इस संवैधानिक संशोधन पर चर्चा होगी और इसे पारित कराने के लिए देश की महिलाओं का आशीर्वाद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक कदम को मंजूरी देगा, जिससे विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी।

पत्र में पीएम मोदी ने महिलाओं की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की नारी शक्ति विज्ञान, नवाचार, स्टार्टअप, शिक्षा, साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा और अन्य क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। कई महिलाएं स्टार्टअप कंपनियों का सफल नेतृत्व कर रही हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं को देश के विकास और नीति निर्धारण में अधिक सशक्त भूमिका निभाने का अवसर देगी। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह पत्र बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती को महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नारी शक्ति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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