लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद सबसे बड़ा और कठिन कार्य संविधान निर्माण का था, जिसे बाबा साहेब ने पूरा किया। उन्होंने कहा कि संविधान ने गरीबों, शोषितों, पिछड़ों और दलितों को अधिकार, न्याय और आरक्षण प्रदान किया। “संविधान हम सबके लिए संजीवनी है और हमारी सुरक्षा करता है,” उन्होंने कहा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी इसे बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के बनाए संविधान की रक्षा करना समाजवादियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और जब तक संविधान सुरक्षित है, तब तक देश के नागरिकों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रहेगा और 2027 के विधानसभा चुनाव में संविधान विरोधी ताकतों को हराना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग बाबा साहेब की प्रतिमाओं का अपमान करते हैं और बाद में दिखावे के लिए सम्मान की बात करते हैं, इसलिए जनता को सतर्क रहने की जरूरत है।
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अनुशासन, सादगी और अच्छे व्यवहार के साथ जनता के बीच रहकर उनके हितों की लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए बाबा साहेब का संविधान ही आधार है और पार्टी का नारा “जय संविधान, जय किसान, जय जवान” है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है तथा सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर नई जनगणना और समानुपातिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, मिठाई लाल भारती सहित संत-महात्मा, चिकित्सक और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
