केमिकल और साइड इफेक्ट-फ्री इलाज अपनाएं: आयुष मंत्री दयालु की प्रदेशवासियों से अपील

लखनऊ, 10 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा “दयालु” ने प्रदेशवासियों से केमिकल और साइड इफेक्ट-फ्री उपचार पद्धतियों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में सुरक्षित, प्रभावी और प्राकृतिक इलाज की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में होम्योपैथी एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रही है।

विश्व होम्योपैथी दिवस (10 अप्रैल) के अवसर पर अपने संदेश में मंत्री ने होम्योपैथी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल उपचार की पद्धति ही नहीं, बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी का मूल सिद्धांत “सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटर” है, जिसका अर्थ है—जैसा रोग, वैसी ही दवा। यह सिद्धांत रोग को जड़ से समाप्त करने की दिशा में कार्य करता है और शरीर को संतुलित रूप से स्वस्थ बनाने में सहायक होता है।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में लोग साइड इफेक्ट-फ्री और केमिकल-फ्री उपचार की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में होम्योपैथी एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आई है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *