नई दिल्ली, 30 मार्च (UNS)। सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण — ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (एचएलओ) — के दौरान पूछे जाने वाले 33 प्रश्नों का सेट जारी किया है। एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को बताया कि महीने भर चलने वाली यह प्रक्रिया राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि 22 जनवरी की अधिसूचना के अनुसार जनगणनाकर्मी भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), जनगणना मकान संख्या और फर्श, दीवारों तथा छत के निर्माण में प्रयुक्त मुख्य सामग्री जैसी जानकारी एकत्र करेंगे। वे मकान के उपयोग और उसकी स्थिति का भी रिकॉर्ड रखेंगे और उसे एक गृह संख्या आवंटित करेंगे।
उन्होंने बताया कि जनगणना अधिकारी घर में रहने वाले कुल लोगों की संख्या, घर के मुखिया का नाम और लिंग, मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य किसी श्रेणी से संबंधित है या नहीं, घर का मालिकाना हक, रहने के कमरों की संख्या और घर में विवाहित जोड़ों की संख्या के बारे में भी जानकारी जुटाएंगे।
मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे
मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना अधिकारी पीने के पानी के मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता, बिजली या प्रकाश के स्रोत, शौचालय की सुविधा और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान और रसोई सुविधाओं की उपलब्धता, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन और खाना पकाने के मुख्य ईंधन जैसी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे।
इसके अलावा रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड और कार/जीप/वैन जैसी वस्तुओं के स्वामित्व से संबंधित डेटा, मुख्य रूप से उपभोग किए जाने वाले अनाज और जनगणना संबंधी संचार के लिए एक मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा।
स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा
उन्होंने बताया कि नागरिक अपने संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गृह गणना शुरू होने से पहले 15 दिनों की अवधि के दौरान 16 भाषाओं में स्व-गणना के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी में जहां गृह गणना 16 अप्रैल से 15 मई तक निर्धारित है, वहां स्व-गणना की सुविधा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी।
स्व-गणना करने के लिए परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर और अन्य बुनियादी विवरणों का उपयोग करके पंजीकरण कर सकता है, जिले का चयन कर सकता है, मानचित्र पर घर का स्थान चिह्नित कर सकता है और अपनी सुविधानुसार जानकारी जमा कर सकता है।
16 अंकों की आईडी और डेटा की गोपनीयता
मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि स्व-गणना करने पर 16 अंकों की एक विशिष्ट आईडी जनरेट की जाएगी, जिसे सत्यापन के लिए फील्ड विजिट के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक सत्यापन के दौरान अपनी जानकारी में सुधार कर सकते हैं और इससे काफी समय की बचत होगी। साथ ही, व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग अदालतों में या सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकेगा।
