लखनऊ, 28 मार्च 2026,RNN।राजेश्वर सिंह ने FHRAI Wedding & MICE Tourism Conclave 2026 में मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से भारत की MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्ज़ीबिशन) राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पर्यटन, आतिथ्य और MICE क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
डॉ. सिंह ने कहा कि पर्यटन वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान देता है और दुनिया भर में करीब 33 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि MICE उद्योग वर्ष 2032 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हो जाएगा। भारत में यह क्षेत्र 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक GDP में योगदान देता है और 4.8 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है, इसके बावजूद भारत वैश्विक पर्यटकों का केवल 1 से 1.5 प्रतिशत ही आकर्षित कर पाता है।
उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख करते हुए बेहतर कारोबारी माहौल, मजबूत बुनियादी ढांचे और बढ़ते पर्यटन को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया।
डॉ. सिंह ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र सरोजनी नगर और पूरे लखनऊ में विकास की गति असाधारण रही है। आगामी एरोसिटी, एआई सिटी, राज्य का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर और एक वर्ष में 2,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की पहल के कारण यह क्षेत्र पर्यटन, MICE और संबंधित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
उन्होंने लगभग 1,400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर को एक महत्वपूर्ण आर्थिक आधार बताते हुए कहा कि “MICE केवल पर्यटन नहीं, बल्कि आर्थिक कूटनीति है।”
डॉ. सिंह ने Federation of Hotel & Restaurant Associations of India (एफएचआरएआई) का आभार व्यक्त किया और इसके अध्यक्ष सुरेन्द्र जैसवाल को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इस कॉन्क्लेव में आईएएस अधिकारी नीरज खरवाल, अरुण श्रीवास्तव, समीत गर्ग, रहूल मकारियस, प्रदीप शेट्टी, गिरीश ओबेरॉय और अंकिता जैसवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश तैयार है, भारत आगे बढ़ रहा है, और हम सब मिलकर भारत को वैश्विक पर्यटन और MICE गंतव्य के रूप में शीर्ष स्थान पर पहुंचा सकते हैं।”
