ब्रज रंगोत्सव बना आस्था से आर्थिक पर्यटन का मॉडल, प्रमुख दिनों में 44 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे

लखनऊ, 16 मार्च, RNN। उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही ‘टेंपल इकॉनमी’ अब पर्यटन और स्थानीय रोजगार का महत्वपूर्ण आधार बनती जा रही है। जयवीर सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रदेश अब ‘ग्रेवयार्ड इकॉनमी’ से निकलकर मंदिर, तीर्थ और सांस्कृतिक आयोजनों पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जहां आस्था और संस्कृति के माध्यम से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि ब्रज रंगोत्सव 2026 के दौरान होली के प्रमुख दिनों में ही ब्रज क्षेत्र में 44 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। लठमार होली, फूलों की होली और हुरंगा जैसे पारंपरिक आयोजनों के साथ मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में आयोजित उत्सवों ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। अमेरिका, यूके, रूस और ब्राजील सहित कई देशों से भी लोग इन आयोजनों में शामिल होने पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मथुरा, अयोध्या और वाराणसी जैसे तीर्थस्थल अब वैश्विक पहचान बना रहे हैं और ‘टेंपल सर्किट’ के माध्यम से पर्यटन आय में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में अकेले मथुरा में करीब 10.24 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे।

ब्रज क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और पर्यटन विभाग मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। हाल ही में परिषद की बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई, जिनमें मथुरा से वृंदावन के बीच 11.80 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निर्माण और आधुनिक पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं शामिल हैं।

ब्रज क्षेत्र में तीर्थ स्थलों के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए बजट में भी लगातार वृद्धि की गई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 43.87 करोड़ रुपये से शुरू हुआ बजट 2024-25 तक बढ़कर 140 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

ब्रजधाम में स्थित प्रमुख मंदिर जैसे बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर वृंदावन, प्रेम मंदिर वृंदावन, राधा रमण मंदिर और मदन मोहन मंदिर वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फरवरी-मार्च में होने वाले रंगोत्सव के दौरान पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में फरवरी-मार्च के दौरान लगभग 19.90 लाख श्रद्धालु ब्रजधाम पहुंचे थे, जो 2023 में बढ़कर 33.26 लाख हो गए। 2024 में यह संख्या 44 लाख से अधिक और 2025 में 54 लाख से ज्यादा दर्ज की गई।

पर्यटन विभाग ब्रज क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इनमें मथुरा-वृंदावन मार्ग पर मयूर संरक्षण केंद्र का सौंदर्यीकरण, मथुरा परिक्रमा मार्ग का नवीनीकरण, पांच पवित्र कुंडों के जल शोधन और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा सूरदास की समाधि परिसर (ग्राम परासौली, गोवर्धन) के संरक्षण और अकबरपुर में पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है।

‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिला है। मथुरा के जैत गांव में तुलसी माला निर्माण बड़ा रोजगार केंद्र बन गया है, जहां सैकड़ों लोग इससे जुड़कर आजीविका कमा रहे हैं। इससे तीर्थ पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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