बदायूं (उप्र), 13 मार्च (RNN)।हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के एक इथेनॉल संयंत्र में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने लापरवाही के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार थाना मूसाझाग के निरीक्षक अजय कुमार और उप-निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर की गई।
घटना में एचपीसीएल संयंत्र के महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता (58) और सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) की गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों अधिकारी बदायूं जिले के सेजनी गांव स्थित संयंत्र में कार्यरत थे।
इस बीच हर्षित मिश्रा के परिवार ने पुलिस पर पहले की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। मिश्रा की मां रानी देवी ने कहा कि उनके बेटे ने पहले ही कई बार अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी और इसके लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा स्थानीय विधायक से शिकायत भी की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू पहले से ही धमकियां देता था और एक आपराधिक गिरोह से जुड़े होने का दावा कर परिवार को डराता था।
मिश्रा के मामा प्रभात मिश्रा ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी पहले से धमकी देता था और कई बार उनकी गाड़ियों का पीछा करता था, लेकिन पुलिस ने इस पर गंभीर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंदूक लेकर आरोपी संयंत्र के अंदर कैसे पहुंच गया।
मृतक हर्षित मिश्रा के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उनके बेटे ने कई बार पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी खुलेआम घूमता रहा और अंततः उसने दो लोगों की हत्या कर दी। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि औद्योगिक परिसर के अंदर दिनदहाड़े दो अधिकारियों की हत्या होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि दिन के उजाले में औद्योगिक परिसर के अंदर ऐसी वारदात होना दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं और सरकार के कानून-व्यवस्था के दावे कितने कमजोर साबित हो रहे हैं। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि आरोपी अजय प्रताप सिंह पहले इथेनॉल संयंत्र में विक्रेता के रूप में काम करता था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने कुछ कर्मचारियों की छंटनी की थी और कुछ विक्रेताओं को काली सूची में डाल दिया था। बताया जा रहा है कि इसी के बाद से आरोपी गुप्ता से नाराज था और कई बार उन्हें धमकी भी दे चुका था।
