नई दिल्ली, 10 मार्च । लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष को सदन तथा संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए उनके खिलाफ संकल्प लाना पड़ा है।
बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए संकल्प पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में लोकसभा में माइक का इस्तेमाल भी एक ‘अस्त्र’ की तरह किया जा रहा है और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने सदन में यह संकल्प पेश किया। गोगोई ने कहा कि विपक्ष को यह कदम उठाने में कोई खुशी नहीं है, लेकिन सदन की मर्यादा और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए यह जरूरी हो गया था।
उन्होंने दावा किया कि बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को 20 से अधिक बार रोका गया। उनके अनुसार जब विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की कोशिश करता है तो व्यवधान पैदा किए जाते हैं और कई बार माइक भी बंद कर दिया जाता है।
गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं के भाषणों के कई अंश कार्यवाही से हटा दिए जाते हैं, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों के आरोपों को हटाया नहीं जाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने गोगोई की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर संसदीय कार्य मंत्री ने व्यवधान पैदा किए हैं तो उससे भी अधिक गैरजिम्मेदार विपक्ष पहले कभी नहीं रहा।
गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संवाद जरूरी है और संसद को ऐसा मंच होना चाहिए जहां सभी पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिले।
