कोलकाता, 9 मार्च । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी “एजेंसियां” उनके धरनास्थल पर पर्चे बांट रही हैं। इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जो कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित रैली के प्रचार से जुड़े पर्चे बांट रहे थे।
ममता बनर्जी पिछले तीन दिनों से मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कोलकाता के बीचों-बीच धर्मतला में धरना दे रही हैं। धरनास्थल पर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि कोई अन्य दल का व्यक्ति वहां पर्चे बांटता दिखाई दे तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा और उसकी एजेंसियां हमारी बैठक में पर्चे बांट रही हैं। किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यक्रम में इस तरह प्रचार करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी दल दूसरे के कार्यक्रम में जाकर अपने कार्यक्रम का प्रचार कैसे कर सकता है।
बनर्जी ने राज्य की मंत्री शशि पांजा को इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी सभाओं में कम उपस्थिति के कारण “अनुचित हथकंडे” अपना रही है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिन दलों के पास जनाधार नहीं होता, वे इस तरह की गतिविधियों का सहारा लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा “वोट चोर” है और वह एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि उनकी पार्टी को तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रमों में अपने कार्यकर्ताओं को भेजने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की 14 मार्च को होने वाली रैली “ऐतिहासिक” होगी।
सिन्हा ने पलटवार करते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस ने ही अपने लोगों को प्रधानमंत्री मोदी की रैली के प्रचार से जुड़े पर्चे बांटने के लिए तैनात किया है, क्योंकि उनके धरना-प्रदर्शन को जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी इस समय “हताश और निराश” नजर आ रही हैं।
