बरी होने के बाद भावुक हुए अरविंद केजरीवाल, आबकारी नीति मामला बताया ‘सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश’

नई दिल्ली, 27 फरवरी। कथित शराब नीति मामले में अदालत से बरी किए जाने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भावुक हो उठे और पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने इस मामले को स्वतंत्र भारत के इतिहास की “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” करार देते हुए कहा कि सत्य और न्याय की जीत हुई है।

अदालत के फैसले के समय केजरीवाल स्वयं मौजूद थे। उनके साथ दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी उपस्थित थे। फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वे, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ईमानदार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक उद्देश्य से तैयार किया गया था और उनकी पार्टी को समाप्त करने के लिए साजिश रची गई। केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए, उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया और लगातार मीडिया में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा कराई गई।

भावुक स्वर में उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन भर ईमानदारी से काम किया और जनता की सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को इस तरह गिरफ्तार किया गया और जेल भेजा गया।

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मार्च 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के बाद उन्हें जमानत मिली और बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक वे निर्दोष साबित नहीं हो जाते, तब तक पद पर वापसी नहीं करेंगे।

फैसले के बाद उनके आवास पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों के बीच मिठाइयां बांटी गईं और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया। इस दौरान केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।

सुनीता केजरीवाल ने कहा कि उनके पति ने हमेशा देश की प्रगति और जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि परिवार ने कठिन समय का सामना धैर्य और विश्वास के साथ किया।

इस मामले में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही और केजरीवाल तथा सिसोदिया को जेल में समय बिताना पड़ा। सिसोदिया को जमानत मिलने से पहले लगभग 17 महीने तक हिरासत में रहना पड़ा था।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अदालत के फैसले और उसके बाद की प्रतिक्रियाओं ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विभिन्न राजनीतिक दल इस घटनाक्रम को अपने-अपने दृष्टिकोण से देख रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और तीव्र होने की संभावना है।

फिलहाल अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्य अंततः विजयी होता है और जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

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