प्रियंका गांधी ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आए नामों को लेकर ‘नैतिक जवाबदेही’ की मांग की

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा

वायनाड (केरल), 26 फरवरी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आए नामों को लेकर सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से “नैतिक जवाबदेही” तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के प्रति जवाबदेही सर्वोपरि होती है, लेकिन भारत में इस सिद्धांत का पालन पर्याप्त रूप से नहीं हो रहा है।

वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में जिन सार्वजनिक पदाधिकारियों के नाम ‘एप्स्टीन फाइल्स’ से जुड़े मामलों में सामने आए, उन्होंने नैतिक आधार पर पद छोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में इस प्रकार की जवाबदेही का अभाव दिखाई देता है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग कर रही है, जिनका नाम अमेरिका में जारी दस्तावेजों में सामने आने का दावा किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई सार्वजनिक पद पर रहते हुए ऐसे व्यक्तियों से संपर्क में पाया जाता है, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप सिद्ध हो चुके हैं, तो उसके प्रति नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल नाम सामने आना ही नहीं, बल्कि निरंतर संपर्क और संवाद भी जवाबदेही का विषय है।

‘एप्स्टीन फाइल्स’ से आशय उन दस्तावेजों से है जो अमेरिकी अपराधी जेफरी एप्स्टीन से संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध हैं। एप्स्टीन को नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था और उसके संपर्कों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा हुई थी।

प्रियंका गांधी ने केरल की स्वास्थ्य मंत्री के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल होने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करतीं। उन्होंने वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता मिलनी चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आपदा राहत में पर्याप्त सहयोग न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ितों की सहायता के लिए लंबे समय तक प्रयास करना पड़ा। जुलाई 2024 में वायनाड क्षेत्र में हुए भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी और बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए थे। प्रियंका गांधी ने कहा कि पुनर्वास और राहत कार्यों में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर कार्य करना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *