नई दिल्ली, 26 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि वह कांग्रेस नेता पी चिदंबरम से जुड़े धनशोधन के दो मामलों—एयरसेल-मैक्सिस सौदा और आईएनएक्स मीडिया प्रकरण—में सुनवाई तेज करना चाहता है। एजेंसी ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी विशेष अदालत में प्रस्तुत कर दी है।
ईडी के अनुसार एयरसेल-मैक्सिस मामले में 2018 में तथा आईएनएक्स मीडिया मामले में 2020 में राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप पत्र दायर किए गए थे। अदालत ने वर्ष 2021 में इन मामलों का अलग-अलग संज्ञान लिया था।
हालांकि नवंबर 2024 में उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद अभियोजन मंजूरी को अनिवार्य माना गया, जिसके चलते विभिन्न मामलों में कार्यवाही प्रभावित हुई। इसी पृष्ठभूमि में ईडी ने संबंधित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी प्राप्त कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की है, ताकि लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जा सके।
एजेंसी ने बताया कि अभियोजन स्वीकृति 10 फरवरी को प्राप्त हुई और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक आदेश भी हासिल कर लिए गए हैं। ईडी का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना और लंबित कार्यवाही को आगे बढ़ाना है।
पी चिदंबरम को एयरसेल-मैक्सिस मामले में आरोपी संख्या छह और आईएनएक्स मीडिया मामले में आरोपी संख्या एक के रूप में नामजद किया गया है। इस प्रकरण में उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम भी आरोपी हैं। दोनों ही नेताओं ने अपने ऊपर लगे आरोपों से लगातार इनकार किया है।
एजेंसी का कहना है कि अब अदालत में प्रस्तुत अभियोजन मंजूरी के आधार पर मामलों की सुनवाई को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी।
