लखनऊ में 27–28 फरवरी को मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो), आधुनिक तकनीक से मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 27 और 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो) का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में देश-प्रदेश के प्रमुख वैज्ञानिक, उद्यमी और विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।

प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए डॉ. संजय कुमार निषाद ने बताया कि एक्सपो का मुख्य उद्देश्य आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों को एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान, तकनीकी नवाचारों की जानकारी, व्यापार विस्तार, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा और पोषण सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

महोत्सव में लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं तकनीकी स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी, आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन तथा उन्नत मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से तकनीकी प्रस्तुतियां आयोजित होंगी और वेबकास्टिंग के जरिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे प्रदेश के 75 जनपदों तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मत्स्य पालक लाभान्वित हो सकें।

एक्सपो के दौरान तकनीकी संगोष्ठियों में रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक तकनीक, पोषण प्रबंधन और आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी। मत्स्य वैज्ञानिकों और उद्यमियों के साथ सीधा संवाद सत्र भी आयोजित होगा, जिसमें किसान अपनी समस्याएं रख सकेंगे और समाधान प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम में फिश फूड कोर्ट और प्रोटीन जागरूकता अभियान भी आयोजित किया जाएगा, जिससे आमजन में पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। विभाग का मानना है कि इस आयोजन से मत्स्य क्षेत्र में व्यापारिक संभावनाएं बढ़ेंगी और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।

प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों, कैटरर्स और स्टेकहोल्डर्स के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटल और कैटरिंग उद्योग को मछली आपूर्ति के मॉडल पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मत रहा कि प्रत्यक्ष आपूर्ति प्रणाली लागू होने से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा और उपभोक्ताओं को ताजा उत्पाद उपलब्ध हो सकेगा।

इस अवसर पर आर्थिक सलाहकार डॉ. के. वी. राजू, अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार का मानना है कि मीन महोत्सव मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। आयोजन से तकनीकी ज्ञान, बाजार से सीधा जुड़ाव और आय वृद्धि के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

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