योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन तीन गुना बढ़ी, पारदर्शी व्यवस्था से कोई भी पात्र नहीं रहेगा वंचित: नरेन्द्र कश्यप

पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप

लखनऊ, 10 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तीकरण की दिशा में बड़े और ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विधान परिषद में प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समयबद्ध, पारदर्शी और दलाल-मुक्त तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन को तीन गुना बढ़ाया गया है और पात्रता के आधार पर किसी भी लाभार्थी को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि विभाग की सभी योजनाएं पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न हो। उन्होंने दो टूक कहा कि विभाग में दलालों और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सदन को अवगत कराया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत संचालित विशेष विद्यालयों और महाविद्यालयों में वर्ष 2011 में चयनित जेटीसी ग्रेड शिक्षकों में से एलटी ग्रेड शिक्षक के नौ रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए 16 जुलाई 2025 को तथा एलटी ग्रेड से प्रवक्ता के 28 पदों के लिए 12 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अध्याचन भेजा जा चुका है। इन पदों पर चयन की प्रक्रिया वर्तमान में प्रचलित है।

वितरण कार्यक्रमों को लेकर मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ और कनिष्ठ सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना अनिवार्य है। यदि भविष्य में किसी अधिकारी द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को न केवल वितरण कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड की बैठकों में भी सम्मानजनक सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

मंत्री ने जानकारी दी कि भारत सरकार के स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं। आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर में 31 जनवरी 2026 तक कुल 24,414 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान एवं दिव्यांग पेंशन योजना के तहत जनपद सिद्धार्थनगर में 14,356 पात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया है। इसके अलावा कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 153 लाभार्थियों और कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 321 दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान की गई है। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है।

पेंशन की पात्रता शर्तों को स्पष्ट करते हुए मंत्री कश्यप ने बताया कि उत्तर प्रदेश का मूल निवासी वह दिव्यांगजन जिसकी दिव्यांगता न्यूनतम 40 प्रतिशत हो, जिसकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से अधिक न हो तथा जो किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो, वह दिव्यांग पेंशन का पात्र है। पात्र लाभार्थी को 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जाती है। आवेदन एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है और सत्यापन के बाद पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूडीआईडी कार्ड धारक सभी दिव्यांगजन स्वतः पेंशन के पात्र नहीं होते, बल्कि निर्धारित आय और अन्य शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही लाभ दिया जाता है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई पात्र दिव्यांगजन पेंशन से वंचित रह जाता है या किसी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। मंत्री कश्यप ने दोहराया कि योगी सरकार में दिव्यांगजनों की योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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