पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण का हवाला देकर चीन का मुद्दा उठाने पर अड़े राहुल, लोकसभा में भारी हंगामा

नयी दिल्ली, दो फरवरी । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में एक पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित संस्मरण के मसौदे के अंशों का हवाला देकर भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित रही।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी को इस विषय पर बोलने से रोका जाए।

लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर तीन बजे तक, फिर तीन बजकर आठ मिनट पर चार बजे तक और अंततः चार बजकर 10 मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के मसौदे के उस अंश को पढ़ना चाहते थे, जिसमें 31 अगस्त 2020 की एक घटना का उल्लेख है। यह संस्मरण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से कई बार कहा कि किसी अप्रकाशित पुस्तक या पत्रिका का सदन में उल्लेख नहीं किया जा सकता और उनसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर ही अपनी बात रखने का आग्रह किया। इसके बावजूद राहुल गांधी चीन के साथ सैन्य तनाव का मुद्दा उठाने पर अड़े रहे।

इस विषय पर पहली बार कार्यवाही स्थगित होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सदन में मौजूद थे।

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए की और कहा कि कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए गए हैं, इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के अंश पढ़ना चाहते हैं। जैसे ही उन्होंने ऐसा करने का प्रयास किया, रक्षा मंत्री ने सवाल उठाया कि जिस पुस्तक का हवाला दिया जा रहा है, वह प्रकाशित हुई है या नहीं।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में अप्रकाशित सामग्री का उल्लेख नहीं किया जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को अध्यक्ष की व्यवस्था का पालन करना चाहिए।

राहुल गांधी के बार-बार अड़े रहने पर अध्यक्ष ने कहा, “आप लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं।” इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह आसन को चुनौती नहीं दे रहे, बल्कि चीन के साथ भारत के संबंधों पर बात रखना चाहते हैं।

सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर राहुल गांधी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया, लेकिन राजनाथ सिंह ने फिर कहा कि नेता प्रतिपक्ष निराधार बातें कर रहे हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, “आप देश को नीचा दिखाकर क्या साबित करना चाहते हैं? ऐसी कोई बात मत कहिए जिससे सेना का मनोबल गिरे।”

पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा तक सीमित रहने का आग्रह किया। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर उसी मुद्दे को उठाने की कोशिश की, जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और अंततः कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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